केंद्रीय कर्मचारी लंबे समय से 8th Pay Commission का इंतजार कर रहे हैं। सरकार ने इसके Terms of Reference यानी ToR जारी कर दिए हैं, लेकिन कर्मचारियों और पेंशनर्स के मुताबिक इसमें कई ज़रूरी बिंदु शामिल नहीं किए गए हैं। इसी कारण अब केंद्रीय कर्मचारियों का सबसे बड़ा संगठन NC JCM सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से ToR में बदलाव की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि अगर सुधार नहीं किए गए, तो इसका असर करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ेगा।
पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने की प्रमुख मांग
NC JCM ने केंद्र सरकार को भेजे अपने पत्र में साफ कहा है कि Old Pension Scheme (OPS) को फिर से लागू किया जाना चाहिए। संगठन का तर्क है कि NPS में जुड़े कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलती, इसलिए OPS को बहाल करना ज़रूरी है। उनकी मांग है कि जिन्हें NPS में जबरन शामिल किया गया था, उन्हें OPS का विकल्प दिया जाना चाहिए ताकि रिटायरमेंट के बाद उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत रह सके।
किन मुद्दों पर उठाई गई आपत्ति
कर्मचारी संगठनों ने ToR में शामिल कई बिंदुओं को अधूरा बताया है। उनकी प्रमुख आपत्तियां इस प्रकार हैं—
- 7वें वेतन आयोग में मौजूद “स्टेकहोल्डर्स की उम्मीदें” वाला क्लॉज़ फिर से जोड़ा जाए।
- नॉन-कंट्रीब्यूटरी पेंशन स्कीम की लागत संबंधी लाइनें हटाई जाएं।
- 1 जनवरी 2026 से पे कमीशन लागू करने की तारीख स्पष्ट घोषित की जाए।
- कर्मचारियों और पेंशनर्स को 20% अंतरिम राहत दी जाए।
- कम्यूटेशन को 11 साल बाद दोबारा शुरू किया जाए।
- पेंशन में हर पांच साल में 5% बढ़ोतरी का प्रावधान किया जाए।
- पुराने पेंशनर्स को बेहतर संशोधन का लाभ दिया जाए।
क्या 8वां वेतन आयोग OPS लागू करेगा?
कर्मचारी संगठन साफ कह रहा है कि NPS वाले कर्मचारियों को OPS का लाभ मिलना चाहिए। हालांकि सरकार की ओर से इस बारे में अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन कर्मचारियों के दबाव के बाद यह मुद्दा अब पे कमीशन के सामने एक बड़ा विषय बन चुका है।
8th Pay Commission कब लागू होगा?
इस आयोग की जिम्मेदारी जस्टिस रंजन देसाई समिति को दी गई है। नियमों के अनुसार कमीशन को अपनी रिपोर्ट 18 महीनों में सौंपनी होती है। ऐसे में माना जा रहा है कि रिपोर्ट 2027 के मध्य तक ही आ पाएगी। रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार इसे कैबिनेट में भेजेगी और फिर 1 जनवरी 2026 से लागू करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।